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इराक़ में इज़राईली सैन्य अड्डा, इराक़ी सैनिकों पर बड़ा हमला

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2026-05-10 16:33:04

इज़राइल और ईरान युद्ध के दौरान इज़राइल द्वारा इराक़ के रेगिस्तान में एक गुप्त सैन्य अड्डा बनाया गया। इसी गुप्त सैन्य अड्डे के द्वारा कई सीक्रेट सैन्य कार्यवाही, एयरफोर्स और ख़ास तरीक़े के ऑपरेशंस को अंजाम दिया गया।

     इज़राइल और ईरान युद्ध के बीच इराक़ी रेगिस्तान में इज़राइल द्वारा एक गुप्त सैन्य अड्डा बनाया गया। यही गुप्त सैन्य अड्डा इज़रायली एयरफोर्स के लिए लॉजिस्टिक हब के तौर पर कम कर रहा था और यहीं से स्पेशल फोर्सेज़ कई ख़ुफ़िया ऑपरेशंस को अंजाम दिया गया। इसी ख़ुफ़िया सैन्य अड्डे की मदद से इज़राइल ईरान के युद्ध क्षेत्र के काफ़ी क़रीब पहुँचने में कामयाब रहा। इस गुप्त सैन्य अड्डे की इराक़ी सेना को भनक लगते ही इराक़ी सेना ने इस सैन्य अड्डे तक पहुँचने की कोशिश की लेकिन इज़राइल ने हवाई हमले कर के इराक़ी सैनिकों को रोक दिया। बताया जा रहा है की ये सैन्य अड्डा बनाने की अमेरिका को पूर्ण जानकारी थी।

        एक चरवाहे के द्वारा खुला राज़ 

इराक़ी सरकारी मीडिया की मानें तो एक चरवाहे ने रेगिस्तान में संदिग्ध तरीक़े से मिलेट्री मूवमेंट और हेलीकॉप्टर को उड़ते आते जाते देखा था ।इराक़ी सेना को भनक लगते ही मोके पर पहुँचने की कोशिश की। सूत्रों की मानें तो इराक़ी सेना को उस अड्डे से दूर रखने के लिए एयरस्ट्राइक की गई । जबकि IDF की तरफ़ से इस हमले को ले कर किसी भी तरह का कोई बयान नहीं दिया गया। इस हमले में एक इराक़ी सैनिक को अपनी जान गवानी पड़ी थी, इराक़ी सरकार ने भी इस हमले की निंदा की थी। इराक़ के संयुक्त ऑपरेशन कमांड के डिप्टी कमांडर लेफ़्टिनेंट जनरल कैस अल मोहम्मदावी द्वारा एक बयान दिया गया था जिसमे इस हमले को लापरवाही भरा और बिना किसी तालमेल या मंज़ूरी के बिना चलाया गया ऑपरेशन बताया था।

           मास्टरमाइंड अमेरिका था ?

इराक़ ने इस हमले की शिकायत यूएन में की थी इराक़ ने बताया था की इस हमले में विदेशी ताक़तों द्वारा एयरस्ट्राइक कराई गई। इराक़ ने इस हमले का आरोपी अमेरिका को माना था जबकि अमेरिका इस हमले में शामिल नहीं था। उस समय ये घटना गल्फ मीडिया में काफ़ी चर्चा का विषय रही थी ।

             क्यों ख़ास था ये सैन्य अड्डा 

ये सैन्य अड्डा इज़राल के लिए कई तरीक़े से काफ़ी अहम भूमिका निभा चुका है। इसी अड्डे के द्वारा इज़राइल को ईरान के बेहद क़रीब रहने में मदद मिली। इस अड्डे पर सर्च और रेस्क्यू टीमें ऐक्टिव थी जिससे किसी भी तरह के सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जा सकें। ईरान युद्ध में इसराइल द्वारा हज़ारो एयरस्ट्राइक इसी गुप्त अड्डे द्वारा अंजाम दी गई थी।